विदर्भ के पहले फिल्म निर्माता - श्रीप्रकाश मूंघड़ा
ग्रामीण कलाकारों के जीवन में 'प्रकाश' लाने वाली, विदर्भ मे निर्मित पहली हिंदी फिल्म - प्रेमराज
VO (Voice Over):
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाशाली कलाकार होते हैं। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों और परिस्थितियों के कारण, उनकी कला को मंच नहीं मिलता। ऐसे ग्रामीण कलाकारों को हिंदी फिल्म का मंच प्रदान करने वाले विदर्भ के प्रथम हिंदी फिल्म निर्माता श्री प्रकाश मुंधड़ा वास्तव में एक सच्चे नायक हैं।
प्रकाश मुंधड़ा का जन्म छोटे से गांव शेगांव में हुआ, लेकिन उनका बचपन मुंबई जैसे बड़े शहर में बीता। उनकी आठवी तक की प्राथमिक शिक्षा, राजस्थान जयपुर में हुयी और माध्यमिक शिक्षा मध्य प्रदेश के नागदा शहर मे हुयी। बाद मे उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु आप पश्चिम बंगाल के कोलकाता जैसे महानगर मे रहे। लेकिन उनका दिल हमेशा अपनी मिट्टी, अपने ग्रामीण क्षेत्र से जुड़ा रहा।
मात्र 18 वर्ष की उम्र, चार राज्यों मे गुजार चुके श्री प्रकाश मूदंडा के व्यवसायिक जीवन की शुरुआत पीयरलेस इंश्योरेंस कंपनी से हुयी, जहां उन्होने मात्र पांच वर्षो मे 500 एजेंटो का साम्राज्य खडा कर दिया।
वर्ष 1988 मे विश्व स्तरीय सामाजिक संस्था लॉयंस इंटरनेशनल से जुडने का उन्हे मौका मिला। जहां उन्हे विविध क्षेत्रों में कार्य करने हेतु मात्र 11 वर्षों मे 111 पुरस्कार द्वारा सम्मानित किया गया।
यही उनके जीवन की सच्ची पहचान है। जहाँ भी उन्होंने कदम रखा, उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से नये आयाम बनाए।
इतनी उंचाईयां प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अपनी जड़ों से नाता नहीं तोड़ा। वे जहाँ कहीं भी रहे, उनका ध्यान हमेशा अपने गांव और ग्रामीण क्षेत्र पर ही रहा और उन्होंने इसे अपने कर्म से सिद्ध भी किया।
पियरलेस इंश्योरेंस से व्यवसायिक जीवन प्रारंभ करने वाले, श्री प्रकाश मूदंडा ने अपना अगला कदम वी बेल्ट के मार्केटिंग मे बढाया। बाद मे पेपर कोन एवं कोरोगेटेड बॉक्स निर्माण मे उतरे एवं अमूल कंपनी का आइसक्रीम ट्रांसपोर्टेशन भी किया।
विभिन्न क्षेत्रो मे उंचाई प्राप्त करने के बाद भी आप रूके नही एवं एवं रिटायर्मेंट की उम्र 58 वर्ष मे आप फीचर फिल्म निर्माण क्षेत्र मे प्रवेश किया और मराठी फिल्म "तू फक्त हो म्हण" के सह निर्माता बने। तुरंत बाद उन्होंने स्वतः हिंदी फिल्म बनाने का बडा निर्णय लिया और उसमें ग्रामीण कलाकारों को अवसर दिया। इसी का परिणाम है शीघ्र प्रकाशित होने वाली, पूर्णतः विदर्भ मे निर्मित हिंदी फीचर फिल्म प्रेमराज। "प्रेमराज" नाम की एक बहुत सुंदर हिंदी फिल्म अब जल्द ही दर्शकों के सामने आने वाली है। खास बात यह है कि इस फिल्म में अधिकांश कलाकार ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। इस फिल्म के माध्यम से प्रकाश मुंधड़ा ने इन कलाकारों को अवसर देकर विदर्भ के पहले हिंदी फिल्म निर्माता होने का गौरव प्राप्त किया है और बुलढाणा जिले का मान बढ़ाया है, जो सचमुच गर्व की बात है।
चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, उसकी जड़ें अपनी माटी और अपने लोगों से जुड़ी रहनी चाहिए – यह प्रकाश मुंधड़ा ने अपने जीवन से साबित कर दिखाया है। एक छोटे से गांव में जन्मे, देशभर में शिक्षा और व्यवसाय करने के बाद भी गांव के लोगों के लिए कुछ करने की सोचना, यह आसान बात नहीं है।
इस संपूर्ण यात्रा को पार करते हुए न सिर्फ अपनी बल्कि औरों के जीवन की कहानी लिखने वाले प्रकाश मुंधड़ा हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। अब जब उनकी हिंदी फिल्म "प्रेमराज" जल्द ही रिलीज होने वाली है, तो विदर्भ वासियों से निवेदन है कि वे अवश्य यह फिल्म देखने जायें और श्री प्रकाश मुंधड़ा को बल दे, ताकि भविष्य में वे और भी ग्रामीण कलाकारों को आगे बढ़ाने के लिए मंच दे सकें और सफलता की नई ऊँचाइयों तक पहुंच सकें।
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